Full form of MD – एमडी का फुल फॉर्म क्या है?

आज का हमारा टॉपिक MD Full Form यानी की एमडी क्या है, एमडी का मतलब क्या है इसी के बारे में हम बात करने वाले हैं तो आप शुरू से लेकर अंत तक जरूर देखें।

MD Full Form

MD का full form Doctor of Medicine होता है ये इसको मूल रुप से लेटिन भाषा के Madicinae Doctor से लिया गया है जिसका अर्थ Teacher of Magician होता है चिकित्सा के क्षेत्र में ये एक बहुत बडी डिग्री होती है MBBS डिग्री धारक व्यक्ति दवाएं व सर्जरी के क्षेत्र में भेद प्राप्त करने के लिए अधिकांश इस कोर्स को करते है।

MD का वेतन

अगर हम बात करे MD के वेतन की तो MD को शुरुआती स्तर पर 2,50,000 – 4,00,000 तक का वेतन दिया जाता है।

MD कैसे करें?

आप MD करना चाहते है तो आपको MBBS करना होगा MBBS होने के बाद ही आप MD कर पायेगे MD की डिग्री मिलने के बाद आप सर्जन डॉक्टर बन जाते है।

MD के बाद करियर

MBBS और MD करने के बाद आप अपना करियर सार्वजनिक स्वास्थ्य संगठन, सरकारी अस्पताल, निजी अस्पताल, सेना के अलावा गांव या छोटे कस्बे में एक क्लिनिक खोलकर भी अपना करियर बना सकते है।

MD की जिम्मेदारियां

MD की जिम्मेदारियां संगठन के निदेशक मंडल द्वारा निर्धारित की जाती हैं एक MD एक निदेशक, निर्णय निर्माता, नेता, प्रबंधक, आदि के रूप में काम करता है MD निदेशक मंडल को भी सलाह देता है।

मेडिकल काउंसलिंग ऑफ इंडिया द्वारा अनुमोदित एमडी डिग्री

एनेस्थिसियोलॉजी, बायो-केमिस्ट्री, बायो-फिजिक्स, कम्युनिटी मेडिसिन, डर्मेटोलॉजी, वेनेरोलॉजी एंड लेप्रोसी, फोरेंसिक मेडिसिन, हेल्थ एडमिनिस्ट्रेशन, हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन, लैब मेडिसिन, माइक्रोबायोलॉजी, न्यूक्लियर मेडिसिन, ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनोकोलॉजी, फार्माकोलॉजी, फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन, फिजियोलॉजी, साइकियाट्री, रेडियोलॉजी, रेडियोथेरेपी इत्यादि।

MD से मिलते जुलते Keywords

1.  MD  –  Doctor of Medicine

2.  MD  –  Managing Director

3.  MD  –  Multi Degree

4.  MD  –  Mendelevium

5.  MD  –  Machine Dependent

4.  MD  –  Make a new Subdiretory

5.  MD  –  Marketing Director

6.  MD  –  Master of Disguise

7.  MD  –  Metaphysical Doctor

8.  MD  –  Media Division

आज का हमारा टॉपिक MD Full Form यानी की एमडी क्या है, एमडी का मतलब क्या है इसी के बारे में था मुझे आशा है कि अब आपको पता चल गया होगा की MD Full Form यानी की एमडी क्या है, एमडी का मतलब क्या है और आप इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ शेयर कीजिये।

UPVC, CPVC और PVC का Full form और अंतर क्या है ?

UPVC और PVC: आज का हमारा टॉपिक प्लंबिंग पाइप्स के बारे में, आखिर प्लंबिंग पाइप्स होता क्या है। अर्थात UPVC, CPVC और PVC पाइप में क्या अंतर है।

आप जब पाइप्स खरीदने दुकान पर जाए तो ऐसे में दुकान वाले से पाइप्स के बारे में आपको जानकारी जरूर लेना चाहिए ज्यादातर लोग सिंगल पाइप लेंगे ये सोचकर दुकान वाले से पाइप के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं पूछते हैं लेकिन सही तरह से देखा जाए तो आपको पाइप्स के बारे में जानकारी जरूर लेना चाहिए।

दुकान वाले से पूछने में किसी भी प्रकार की शर्म ना करें। इस आर्टिकल की मदद से आपको पाइप्स मैं होने वाले अंतर तथा उनका इस्तेमाल कैसे और कहां पर होता है इसी के बारे में चर्चा करने वाले हैं।

UPVC का Full Form

(Unplasticized Polyvinyl Chloride)

खासतौर से बड़ी फैक्ट्रियों और प्लांट के लिए इस प्रकार के पाइप डिजाइन किए जाते हैं इन पाइपों का इस्तेमाल उन जगहों पर किया जाता है जहां पर केमिकल की फैक्ट्रियां लगी होती है उन जगहों पर इस प्रकार के पाइप लगाए जाते हैं वैसे तो इन पाइपों का इस्तेमाल घरों में भी किया जाता है लेकिन इन्हें खासतौर से फैक्ट्री और प्लांट के लिए बनाया गया है।

CPVC का Full Form

( Chlorinated polyvinyl Chloride)

CPVC पाइप यह पाइप UPVC और PVC पाइप की तुलना में बहुत ही मजबूत माना जाता है। मजबूत होने के साथ-साथ इसकी कीमत भी इन दोनों पाइप के मुकाबले ज्यादा है यह पाइप ज्यादा तापमान को सहन करने में सक्षम है इस पाइप का इस्तेमाल घरों में भी किया जाता है इनकी क्वालिटी बहुत बढ़िया होती है।

PVC का Full Form

( Poly Vinyl Chloride )

PVC पाइप UPVC और CPVC पाइप से सस्ता है। PVC पाइप का इस्तेमाल खासतौर से शौचालय बाथरूम के लिए किया जाता है यह पाइप सस्ते भी होते हैं गंदी जगहों पर इन पाइप का इस्तेमाल होता है PVC पाइप खरीदते वक्त आप अच्छा सा PVC पाइप ले ताकि वे लंबे समय तक चले बार-बार पाइप बदलने की जरूरत ना हो।

इस आर्टिकल के जरिए आपको यह बताया गया की UPVC, CPVC और PVC पाइप में क्या अंतर होता है। सारी जानकारी आपको अच्छे से बताई है। उम्मीद है कि आपको जानकारी पसंद आई होगी।

RAC Full Form – आर.ए.सी की फुल फॉर्म क्या हैै – fullformofhindi

RAC: आप लोग ट्रेन में सफर कर चुके होंगे या करते होंगे तो आपको पता होगा रेलवे में RAC का क्या मतलब है यदि आपको नहीं पता तो भी कोई बात नहीं आज हम आपको रेलवे में RAC का मतलब क्या होता है इसी के बारे में चर्चा करेंगे।

आप जब ट्रेन में सफर करते हैं तो हम कई बार लंबे टूर के लिए हम रिजर्वेशन करवाते हैं हम रिजर्वेशन तो करवा लेते हैं लेकिन अपनी सीट कंफर्म नहीं होती है तब हमें RAC के बारे में जानकारी होना चाहिए।

आपके दिमाग में यह सवाल घूम रहा होगा की आखिर यह RAC हैं क्या तो चलिए विस्तार से RAC के बारे में जान लेते हैं। की आखिर है क्या।

RAC का Full Form

Reservation Against Cancellation इसका मतलब यह होता है की किसी का टिकट जब कैंसिल हो जाता है तब आपको पूरी सीट दी जाती है यदि किसी कारणवश आपका टिकट कैंसिल हो जाता है जैसे की आपकी ट्रेन छूट जाती है ऐसे में आपके पास RAC है तो आपको बैठने के लिए सीट मिल जाएगी यदि आपके पास RAC नहीं है तो आपको सीट नहीं मिलेगी।

RAC में आपको सिंगल सीट दी जाती है आप अपनी सीट पर बैठकर यात्रा तो कर सकते हैं लेकिन आपको सोने के लिए सीट नहीं मिलती है आपको केवल जो सीट मिली है उसी से काम चलाना पड़ता है आपके सामने वाली सीट पर कोई और व्यक्ति बैठा रहता है।

यदि किसी कारणवश आपके सामने बैठा व्यक्ति अपना रिजर्वेशन कैंसिल करवा लेता है तो आपको बेनिफिट मिल सकता है क्योंकि आपको उस व्यक्ति की सीट भी आपको मिल जाती है ऐसे में आप सो कर भी यात्रा कर सकते हैं क्योंकि उस पर आपका अधिकार हो जाता है।

आपको एक बात हमेशा ध्यान रखना चाहिए यदि आप कभी भी ट्रेन में सफर करते हैं और आपके टिकट में RAC हैं तो आप अपने डब्बे में जाकर अपनी सीट पर बैठ जाए यदि आपको अपने डब्बे और स्वीट का पता नहीं होता है तो आप पूछताछ कक्ष में जाकर पूछ सकते हैं वह आपकी जरूर हेल्प करेंगे उसके बाद आप अपनी सीट पर जाकर बैठ जाए।

RAC टिकट वेटिंग लिस्ट टिकट में परिवर्तित हो सकता है?

इसका जवाब है हां, लेकिन इसका बहुत कम चांस होता है क्योंकि RAC टिकट वेटिंग लिस्ट टिकट में तब ही परिवर्तित किया जाता है जब किसी कारणवश ट्रेन में तकनीकी प्रॉब्लम हो जाती है ऐसे में यदि आपके पास RAC टिकट है तो आपका टिकट वेटिंग लिस्ट टिकट में परिवर्तित हो जाता है।

साधारण एक्सप्रेस ट्रेनों में कितनी सीटें RAC के नियम के तहत होती है?

बात करते हैं साधारण एक्सप्रेस ट्रेनों की आपको पता होना चाहिए साधारण एक्सप्रेस ट्रेनों में कितनी सीटें RAC के नियम के तहत होती है ऐसे Question एग्जाम में भी पूछ सकते हैं।

साधारण एक्सप्रेस ट्रेनों में यदि हम एक ट्रेन की बात करें तो एक ट्रेन में 12 स्लीपर कोच होती है। आपको हर कोच में 72 सीट देखने को मिलती है। इससे आपको पता चल गया होगा कि स्लीपर में कुल सीटों की संख्या 864 होती है।

अब आपको समझ आ गया होगा की RAC का मतलब क्या होता है और हमारे लिए RAC क्यों जरूरी है तो हमने आपको इस आर्टिकल में अच्छे से बताया है। उम्मीद है कि आपको जानकारी पसंद आई होगी।

NDA और UPA का Full Form क्या है -fullformofhindi

NDA और UPA का Full Form: दोस्तों आज हम आपको बताएंगे की NDA और UPA के बारे में, की NDA और UPA आखिर है क्या? और इनका क्या मतलब है।

जब भी आप न्यूज़ पेपर और टीवी चेंनल देखते हो तो आपके दिमाग में यह क्वेश्चन जरूर आता होगा कि आखिर NDA और UPA हैं क्या?

NDA और UPA ये दोनों एक गठबंधन है जो राजनैतिक पार्टियों से मिलकर बनी है।

NDA में भाजपा पार्टी (भारतीय जनता पार्टी) है

UPA में कोंग्रेस पार्टी है।

NDA का Full Form

(National Democratic Alliance है)

NDA (National Democratic Alliance) का गठन 1998 में अटल बिहारी बाजपेयी के द्वारा किया गया था। 1998 में इस गठन के बाद NDA की सरकार आयी, लेकिन इस गठबंधन के एक साल बाद आल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम ने अपना समर्थन वापस ले लिया था, जिससे NDA सरकार गिर गयी, लेकिन 1999 में कई छोटे छोटे क्षेत्रीय दल के समर्थन से फिर भाजपा सरकार आई। आपको बता दे की शुरुआत में इस गठबंधन के 13 सदस्य थे। वर्तमान में NDA  (National Democratic Alliance) के अध्यक्ष अमित शाह है।

NDA के सदस्य

भारतीय जनता पार्टी

शिवसेना

तेलुगु देशम पार्टी साइकिल

लोक जनशक्ति पार्टी

शिरोमणि अकाली दल

जम्मू और कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी

राष्ट्रीय लोक समता पार्टी

अपना दल

नागा पीपुल्स फ्रंट

ऑल इंडिया एन॰आर॰ कांग्रेस

नेशनल पीपुल्स पार्टी

पाट्टाली मक्कल कॉची

स्वाभिमानी पक्ष

UPA का Full Form

(United Progressive Alliance हैं)

UPA (United Progressive Alliance) का गठन साल 2004 में किया गया था। 2004 के चुनाव में किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नही मिला था, और तब सरकार बनाने के लिए कोंग्रेस ने UPA (United Progressive Alliance) गठन किया था, बता दे की UPA का नेतृवत कांग्रेस करती है और इसी गठबंधन की मदद से कांग्रेस ने दो बार सरकार बना पाई है। वर्तमान में UPA के अध्यक्ष राहुल गाँधी है।

UPA के सदस्य

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी

राष्ट्रीय जनता दल

द्रविड़ मुनेत्र कझागम

इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग

झारखंड मुक्ति मोर्चा

जनता दल (सेक्युलर)

केरल कांग्रेस (एम)

राष्ट्रीय लोक दलक्रांतिकारी समाजवादी पार्टी

कम्युनिस्ट मार्क्सवादी पार्टी (जॉन)

केरल कांग्रेस (जैकब)

भारत की शांति पार्टी

अब आपको पता चल गया होगा NDA (National Democratic Alliance) और UPA (United Progressive Alliance) के बारे में।

आपको अच्छे से समझ आ गया होगा की NDA और UPA क्या है। हमने सारी जानकारी अच्छे से दि हैं हमने आपको इस आर्टिकल में अच्छे से बताया है। उम्मीद है कि आपको जानकारी पसंद आई होगी।

PSC full form in Hindi – PSC का फुल फॉर्म क्या है

PSCक्या है? PSC के बारे में जाने| full Explain के साथ: दोस्तों आज हम आपको बताएंगे कि PSC क्या है और PSC के लिए आपको कौन-कौन सी बातों का ध्यान रखना चाहिए इसके लिए आपको इस आर्टिकल को अच्छे से रीड करना है ताकि आप कोई भी जानकारी से मिस ना रहे हैं आपको PSC के बारे में आपको A to Z जानकारी दी जाएगी।

PSC क्या है?

PSC का Full From: PSC का पूरा नाम Public Service Commission अर्थात् लोक सेवा आयोग है। और यह अलग-अलग 2 स्तर पर अलग-अलग तरीकों से आयोजित की जाती है।

1 केन्द्र स्तर पर : UPSC- Union Public service Commission अर्थात् संघ लोक सेवा आयोग।

2 राज्य स्तर पर:  राज्य स्तर पर यह दो तरीकों से आयोजित की जाती है- Joint PSC or State PSC.

PSC के लिए योग्यता

आवेदक को मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट डिग्री या पोस्ट ग्रेजुएट या डिप्लोमा पूरा करना चाहिए।उम्मीदवार की आयु 18 से 33 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

भारत में लोक सेवा आयोग

Union Public Service CommissionAndhra Pradesh Public Service CommissionArunachal Pradesh Public Service CommissionAssam Public Service CommissionBihar Public Service CommissionChhattisgarh Public Service CommissionGoa Public Service CommissionGujarat Public Service CommissionHaryana Public Service CommissionHimachal Pradesh Public Service CommissionJammu & Kashmir Public Service CommissionJharkhand Public Service CommissionKarnataka Public Service CommissionKerala Public Service CommissionMadhya Pradesh Public Service CommissionMaharashtra Public Service CommissionManipur Public Service CommissionMeghalaya Public Service CommissionMizoram Public Service CommissionNagaland Public Service CommissionOdisha Public Service CommissionPublic Service Commission, West BengalPunjab Public Service CommissionRajasthan Public Service CommissionSikkim Public Service CommissionTamil Nadu Public Service CommissionTelangana state Public Service CommissionTripura Public Service CommissionUttar Pradesh Public Service CommissionUttarakhand Public Service

1. JOINT PSC : इसमें दो या दो से अधिक राज्य मिलकर परीक्षा आयोजित कराते है, और इसके नियम संबंधित राज्यो के परीक्षा बोर्ड मिलकर बनाते है।

2. STATE PSC : यह प्रत्येक राज्य द्वारा अलग अलग नियमो के साथ अपने अपने राज्यो में आयोजित कराया जाता है। जबकि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और छतीसगढ़ में प्रारंभिक परीक्षा के दो प्रश्न पत्र होते हैं। पहला सामान्य अध्ययन का तथा दूसरा Csat का होता है। बता दे की झारखंड में दूसरा पेपर झारखंड के सामान्य ज्ञान का होता है।

MPPSC

MPPSC परीक्षा आयु सीमा : सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम आयु २१ वर्ष तथा अधिकतम आयु ३५ वर्ष है, तथा sc/st के लिए अधिकतम आयु में 8 वर्ष की छूट है।

1. Priliminary Exam : वस्तुनिष्ठ प्रकार

प्रथम प्रश्न पत्र : सामान्य अध्ययन : 200 Marks.

द्वितीय प्रश्न पत्र- CSAT : 200 Marks

2. Mains Exam : लिखित परीक्षा

इसमें 6 प्रश्न पत्र लिखित होते हैं यह 1400अंकों का होता है।

प्रथम प्रश्न पत्र- 300 अंक इतिहास एवं संस्कृति, भूगोल, जल प्रबंधन, आपदा एवं आपदा प्रबंधन

द्वितीय प्रश्न पत्र : 300 अंक

संविधान शासन की राजनीतिक एवं प्रशासनिक संरचना,

 बाहरी एवं आंतरिक सुरक्षा के मुद्दे,

 सामाजिक एवं महत्वपूर्ण विधान,

 सामाजिक क्षेत्र स्वास्थ्य,

 शिक्षा एवं सशक्तिकरण,

 शिक्षण प्रणाली,

 मानव संसाधन विकास,

 कल्याणकारी कार्यक्रम,

 लोक सेवाएं,

 लोक व्यय एवं लेखा,

 अंतरराष्ट्रीय संगठन।

प्रश्न पत्र -5  सामान्य हिंदी : 200 अंक

प्रश्न पत्र -6 निबंध लेखन एवं गंधाश : 100 अंक

3. Interview (साक्षात्कार) : 250 अंक

सफलता पाने के लिए आपको अच्छे से तैयारी करनी होगी केवल नॉलेज होने से कुछ नहीं होता है उसके साथ ही मेहनत भी करनी होती है जब आप मेहनत करेंगे तभी आप अपने मुकाम को हासिल कर पाएंगे इसलिए ज्यादा से ज्यादा मेहनत करें और ऐसी जानकारी को भी हासिल करते रहें ताकि आप ऐसी जानकारी से बिल्कुल भी वंचित ना रहे हैं यह भी आपके दैनिक जीवन के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है यदि आप एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं तो आप इन सभी चीजों के बारे में जानना आपके लिए बहुत ही खास है।

जो जानकारी हमने आपको प्रोवाइड कराए हैं यह आपको अच्छे से समझ आ गई होगी हमने सारी जानकारी इस आर्टिकल की मदद से प्रोवाइड गई है हमने हमारी तरफ से कोई भी जानकारी मिस नहीं करी है फिर भी आपको लगता है तो आप इस आर्टिकल को एक बार फिर से जरूर पढ़ें।